सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया UGC का फैसला, नए नियमों पर बोले CJI- हो सकता है इसका दुरुपयोग

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को यूजीसी के नए भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर सके हैं. अब क्या इस नए कानून से हम और पीछे की ओर जा रहे हैं? अदालत ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है.

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UGC Equity Rules Discrimination Hearing Live: सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया UGC का फैसला, नए नियमों पर बोले CJI- हो सकता है इसका दुरुपयोग

aajtak.in | नई दिल्ली | 29 जनवरी 2026, 3:16 PM IST

UGC Equity Rules SC Hearing Live Updates: सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को यूजीसी के नए भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर सके हैं. अब क्या इस नए कानून से हम और पीछे की ओर जा रहे हैं? अदालत ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है.

Students protest against the UGC ActStudents protest against the UGC Act

सुप्रीम कोर्ट में आज यूजीसी के नए भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ज्योमाल्या बागची की बेंच के सामने याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि नियमों का सेक्शन 3C जाति आधारित भेदभाव को केवल एससी, एसटी और ओबीसी तक सीमित करता है और सामान्य वर्ग को बाहर रखता है. यह अनुच्छेद 14 में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि यह परिभाषा संविधान की भावना और सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेशों के विपरीत है तथा इससे समाज में वैमनस्य बढ़ेगा.

सुनवाई के दौरान रैगिंग से जुड़े संभावित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर अदालत ने सवाल किए. चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की कि आजादी के 75 साल बाद भी समाज जाति से मुक्त नहीं हो सका है और यह सोचना होगा कि क्या नए नियम हमें और पीछे ले जा रहे हैं. 

जस्टिस बागची ने सामाजिक न्याय से जुड़े कानूनों में संतुलन और सुरक्षा उपायों की जरूरत पर जोर दिया. याचिकाकर्ताओं ने यूजीसी के नियमों पर रोक लगाने और उन्हें रद्द करने की मांग की, जबकि अदालत ने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर कानून विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा विचार किया जाना चाहिए.

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